दोस्तों पंचांग के अनुसार, 03 मार्च 2026 को होलिका दहन (Holi chandra grahan 2026 time) का ये बड़ा प्रेम भरा पर्व मनाया जाएगा। इस दिन यानि की होलिका दहन के दिन इस साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण (3 march 2026 chandra grahan) लगेगा। इसलिए ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य ओर पूजा-पाठ करना अशुभ माना जाता है। इसी दौरान ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है, ओर ग्रहण के समापन के साथ ही सूतक काल समाप्त होता है।
इस साल का यह पहला ग्रहण है, ग्रहण मे कार्य करना वर्जित है, आइए जानते इस बार चंद्र ग्रहण के बारे मे ओर क्या यह भारत मे दिखाई देगा या नहीं ओर इस ग्रहण के नियम के बारे मे।
Contents
- 1 होलिका दहन 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Holika Dahan 2026 Date and Shubh Muhurat)
- 2 चंद्र ग्रहण 2026 डेट और टाइम (Holi chandra grahan 2026)
- 3 चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें? (Lunar Eclipse Rules)
- 4 यह ग्रहण कहाँ-कहाँ दिखाई देगा?
- 5 भारत के कहा-कहा?
- 6 दुनिया के बड़े शहर जहाँ ‘पूर्ण’ ग्रहण दिखेगा
होलिका दहन 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Holika Dahan 2026 Date and Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, होलिका दहन मंगलवार 03 मार्च 2026 को किया जाएगा। इस दिन होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 06 बजकर 22 मिनट से रात 08 बजकर 50 मिनट तक है। इसकी अवधि 02 घंटे 28 मिनट रहेगी। इस टाइम पर आप होलिका दहन कर सकते है।
चंद्र ग्रहण 2026 डेट और टाइम (Holi chandra grahan 2026)
ज्योतिष के अनुसार, मंगलवार 03 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण की शुरू होगा। शुरू होने का टाइम है दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से यह शाम 06 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। ध्यान रहे की चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले यानि की 9 घंटे पहले सूतक कल लगेगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें? (Lunar Eclipse Rules)
धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से ग्रहण के दौरान कुछ नियमों का पालन किया जाता है
- गर्भवती महिलाएं: कहा जाता है कि इस दौरान नुकीली चीजों जैसे कैंची, चाकू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और घर के अंदर रहे।
- तुलसी के पत्ते: सूतक के दौरान आमतौर पर लोग खाना बनाने, खाने और पूजा-पाठ से बचते हैं, सूतक शुरू होने से पहले खाने-पीने की चीजों और पानी में तुलसी के पत्ते डाल दें ताकि उन पर ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
- दान-पुण्य: ग्रहण खत्म होने के बाद (शाम 06:47 के बाद) नहा-धोकर दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
- मंदिरों के कपाट भी इस दौरान बंद रखे।
यह ग्रहण कहाँ-कहाँ दिखाई देगा?
यह साल का पहला चन्द्र ग्रहण लगेगा। यह एक ‘पूर्ण चन्द्र ग्रहण’ है, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में लाल चंद्रमा (Blood Moon) के रूप में देखा जाएगा। लेकिन यह लाल चंद्रमा कहा-कहा दिखेगा आइए जानते है।
भारत के कहा-कहा?
भारत में यह हर जगह एक जैसा नहीं दिखेगा। शहर के हिसाब से अलग-अलग दिखेगा।
पूरा लाल चाँद : भारत के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों के कुछ शहरों में यह ‘पूर्ण’ रूप में दिखाई देगा।
आधा लाल चाँद : भारत के ज्यादातर बड़े शहरों में यह ‘आंशिक’ या ‘खग्रास’ के रूप में दिखेगा।
खास शहर जहाँ दिखेगा: नई दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, पटना, गुवाहाटी, इम्फाल, शिलांग, कोहिमा और ईटानगर।
इसके साथ ही पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ उत्तरी इलाके।
ओर जहाँ थोड़ा कटा हुआ दिखेगा यानि की आधा दिखेगा वो है, यूरोप, पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, अटलांटिक महासागर और हिंद महासागर के कुछ जगह में।
दुनिया के बड़े शहर जहाँ ‘पूर्ण’ ग्रहण दिखेगा
विदेश में इन शहरों में यह पूरा लाल (Blood Moon) दिखेगा
न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स, सिएटल, वाशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को (USA) टोरंटो (कनाडा), सिडनी, मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), टोक्यो (जापान), बीजिंग (चीन) और लीमा।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न ज्योतिषीय गणनाओं, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं पर आधारित है। हिन्दीसनातन इस जानकारी की सत्यता या सटीकता का दावा नहीं करता है। पाठकों से अनुरोध है कि इसे केवल जानकारी के रूप में लें और किसी भी धार्मिक या आध्यात्मिक निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।)
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