Holi Poojan Vidhi aur Samagri Suchi: होली पूजा विधि ओर सामग्री सूची

Holi Poojan Vidhi हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जो होलिका दहन के दिन संध्या समय किया जाता है। यह पूजा नकारात्मक ऊर्जा के नाश, परिवार की समृद्धि और सुख-शांति के लिए की जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भक्तजन होलिका माता और भगवान विष्णु की आराधना करके अपने जीवन से बुरी शक्तियों को दूर करने का संकल्प लेते हैं।

Holi Poojan Vidhi का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है क्योंकि यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। सही विधि और नियमों का पालन करके इस पूजा को करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

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Holi Poojan ka Mahatva

होलिका दहन से पूर्व Holi Poojan Vidhi करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

होली पूजन के मुख्य लाभ:

घर में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन

बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा

पारिवारिक कलह से मुक्ति

मानसिक और आत्मिक शांति


Holi Poojan Samagri Suchi

होली पूजन सामग्री सूची (Holi Poojan Samagri Suchi)

Holi Poojan के लिए निम्नलिखित सामग्री आवश्यक होती है:

1. मुख्य पूजन सामग्री

  • लकड़ी की होली (होलिका दहन के लिए)
  • उपले (गोबर के कंडे)
  • गूलर की लकड़ी
  • आम, पीपल, बरगद और पलाश की टहनियाँ
  • रोली, मौली (कलावा)
  • हल्दी, चंदन, कुमकुम
  • अक्षत (चावल)
  • गुलाल और अबीर
  • कपूर और अगरबत्ती
  • घी का दीपक

2. हवन सामग्री

  • आम की सूखी लकड़ी
  • गोबर के उपले
  • हवन कुंड (यदि घर में हवन कर रहे हैं)
  • हवन समिधा
  • हवन सामग्री (गुग्गुल, लोबान, तिल, जौ, गेंहू आदि)
  • देसी घी
  • कर्पूर (कपूर)

3. नैवेद्य (भोग सामग्री)

  • नारियल
  • गुड़, बताशे और मिश्री
  • पाँच प्रकार के मेवे
  • गेंहू और जौ के दाने
  • गन्ना
  • फल (केला, सेब, नारियल आदि)

4. अन्य आवश्यक सामग्री

  • पानी से भरा कलश
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, और गंगाजल)
  • रेशमी वस्त्र या चुनरी
  • पान, सुपारी, लौंग
  • इत्र
  • धागा, सूत या मौली

होली पूजन विधि संक्षेप में

  1. होलिका को गोबर के उपलों, लकड़ी और समिधा से सजाएँ।
  2. पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
  3. दीप जलाकर पूजन सामग्री को सजा लें।
  4. रोली, मौली, चावल, फूल और जल से होलिका का पूजन करें।
  5. गेंहू, जौ, गुड़, नारियल और भोग चढ़ाएँ।
  6. कपूर और घी डालकर होलिका दहन करें।
  7. होली के चारों ओर परिक्रमा करें और जौ की बलियाँ भूनकर प्रसाद रूप में ग्रहण करें।

Holi Poojan Vidhi

  1. स्थान शुद्धि

सबसे पहले पूजन स्थल को गंगाजल से पवित्र करें।

एक लकड़ी या गोबर के उपलों से होलिका का निर्माण करें।

  1. संकल्प लेना

हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर संकल्प मंत्र बोलें:
“ॐ विष्णवे नमः, सर्वक्लेशों के निवारण हेतु अहं होलिका पूजनं करिष्ये।”

  1. होलिका की पूजा

होलिका को रोली, अक्षत, फूल, हल्दी और जल अर्पित करें।

कच्चे सूत को तीन बार होलिका के चारों ओर घुमाएं।

  1. नारियल और भोग अर्पण

नारियल और मिठाई को होलिका माता को अर्पित करें।

गुड़ और धान्य (गेहूं की बालियां) को होलिका में अर्पित करें।

  1. आरती और परिक्रमा

दीपक जलाकर होलिका की आरती करें।

परिवार के सभी सदस्य मिलकर होलिका की सात परिक्रमा करें।

Holi Poojan ke Niyam

पूजा केवल संध्या के समय की जाती है।

पूजन के समय व्रत का पालन करें।

सभी सामग्री शुद्ध और पवित्र होनी चाहिए।

होलिका की परिक्रमा हमेशा दाएं हाथ की ओर से करें।

Holi Poojan ke Labh

नकारात्मक ऊर्जा का नाश

मनोवांछित फल की प्राप्ति

पारिवारिक सुख-शांति

मानसिक और आत्मिक शांति

निष्कर्ष

Holi Poojan Vidhi न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह बुरी शक्तियों पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी है। सही विधि और श्रद्धा से किए गए होली पूजन से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न ज्योतिषीय गणनाओं, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। हिन्दीसनातन इस जानकारी की सत्यता या सटीकता का दावा नहीं करता है। पाठकों से अनुरोध है कि इसे केवल जानकारी के रूप में लें और किसी भी धार्मिक या आध्यात्मिक निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या गलत धारणाओं को बढ़ावा देना नहीं है।

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