Shiv Tandav Stotram lyrics: जाने अर्थ, महत्व और पाठ विधि

शिव तांडव स्तोत्र भगवान शिव की स्तुति में रचित एक अद्भुत काव्य है, जिसे लंकापति रावण ने रचा था। यह स्तोत्र भगवान शिव के तांडव नृत्य, उनकी दिव्य शक्ति और सौंदर्य का वर्णन करता है। शिव तांडव स्तोत्र के पाठ से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है।

इस लेख में हम Shiv Tandav Stotram lyrics के अर्थ, पाठ विधि, लाभ और महत्व के बारे में विस्तार से जानेंगे।

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शिव तांडव स्तोत्र क्या है?

शिव तांडव स्तोत्र एक संस्कृत काव्य है, जिसमें भगवान शिव के तांडव नृत्य और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन है। यह स्तोत्र रावण द्वारा रचित है, जो शिव के अनन्य भक्त माने जाते हैं। इसमें कुल 16 श्लोक होते हैं, जो भगवान शिव के विभिन्न रूपों और शक्तियों की महिमा का गुणगान करते हैं।

शिव तांडव स्तोत्र का महत्व

शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

  • सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है।
  • मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
  • आर्थिक समृद्धि और धन लाभ होता है।
  • नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं से रक्षा होती है।
  • भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

शिव तांडव स्तोत्र लिरिक्स (Shiv Tandav Stotram lyrics in hindi) सम्पूर्ण पाठ

श्रीगणेशाय नमः

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
चकारचंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥

जटाकटाहसंभ्रमभ्रमन्निलिंपनिर्झरी
विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि।
धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके
किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥

धराधरेन्द्रनंदिनी विलासबन्धुबन्धुर
स्फुरद्दिगन्तसंतति प्रमोदमानमानसे।
कृपाकटाक्षधोरणी निरुद्धदुर्धरापदि
क्वचिद्विगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥

जटाभुजंगपिंगल स्फुरत्फणामणिप्रभा
कदम्बकुंकुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे।
मदांधसिंधुरस्फुरत्वगुत्तरीयमेदुरे
मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥

सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर
प्रसूनधूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः।
भुजंगराजमालया निबद्धजाटजूटकः
श्रियैचिरायजायतां चकोरबंधुशेखरः ॥५॥

ललाटचत्वरज्वलद्धनंजयस्फुलिंगभा
निपीतपंचसायकं नमन्निलिंपनायकम्।
सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं
महाकपालिसंपदे शिरोजटालमस्तु नः ॥६॥

करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल
द्धनंजयाहुतीकृतप्रचंडपंचसायके।
धराधरेन्द्रनंदिनीकुचाग्रचित्रपत्रक
प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम ॥७॥

नवीनमेघमंडली निरुद्धदुर्धरस्फुरत्
कुहूनिशीथिनीतमः प्रबन्धबद्धकंधरः।
निलिंपनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिंधुरः
कलानिधानबंधुरः श्रियं जगंद्धुरंधरः ॥८॥

प्रफुल्लनीलपंकजप्रपंचकालिमप्रभा
प्रवालनीलकंधरः प्रलोचनावलोकनः।
निपीतपंचसायकं नमन्निलिंपनायकं
धनंजयाहुतीकृतं मनः शिवार्चनं मम ॥९॥

ललाटचत्वरज्वलद्धनंजयस्फुलिंगभा
निपीतपंचसायकं नमन्निलिंपनायकम्।
सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं
महाकपालिसंपदे शिरोजटालमस्तु नः ॥१०॥

Shiv Tandav Stotram पाठ विधि

शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाई जाती है:

  1. प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. शिवलिंग के सामने दीपक जलाएं और जल अर्पित करें।
  3. भगवान शिव का ध्यान करें।
  4. पूरे श्रद्धा भाव के साथ शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें।
  5. पाठ समाप्त होने के बाद भगवान शिव की आरती करें।

Shiv Tandav Stotram के लाभ

  • शिव कृपा प्राप्त होती है।
  • भय, रोग और शत्रुओं से रक्षा होती है।
  • आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • मानसिक तनाव दूर होता है।
  • आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है।

शिव तांडव स्तोत्र के नियम

इस स्तोत्र का पाठ सुबह और संध्या के समय किया जा सकता है।

पाठ करते समय मन को शांत रखें।

शिव जी की मूर्ति या चित्र के सामने पाठ करें।

पाठ के बाद प्रसाद वितरण करें।

कौन कर सकता है शिव तांडव स्तोत्र का पाठ?

जो व्यक्ति भगवान शिव के भक्त हैं।

जो अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं।

जो मानसिक और शारीरिक शांति चाहते हैं।

जो अपने शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव चाहते हैं।

निष्कर्ष

Shiv Tandav Stotram lyrics मे भगवान शिव की महिमा का अद्भुत वर्णन है, जिसे पढ़ने और सुनने मात्र से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। इसे नियमित रूप से पढ़ने से सभी कष्टों का निवारण होता है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं, तो शिव तांडव स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1: शिव तांडव स्तोत्र का पाठ कब करना चाहिए?
सुबह और संध्या के समय पाठ करना उत्तम होता है।

Q2: क्या स्त्रियां शिव तांडव स्तोत्र का पाठ कर सकती हैं?
हाँ, स्त्रियां भी श्रद्धा भाव से इसका पाठ कर सकती हैं।

Q3: शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से क्या लाभ मिलता है?
संकटों से मुक्ति, आर्थिक समृद्धि, मानसिक शांति और शिव कृपा प्राप्त होती है।

Q4: क्या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ घर पर किया जा सकता है?
हाँ, इसे घर पर भी विधिपूर्वक किया जा सकता है।

Q5: Shiv Tandav Stotram lyrics कितने श्लोकों का होता है?
यह स्तोत्र कुल 16 श्लोकों का होता है।

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