Aaj ka choghadiya jaipur 8 July 2025: आषाढ़ माह शुक्ल पक्ष की आज त्रयोदशी तिथि वार मंगलवार हैं। फिर 12:38 AM के बाद 9 जुलाई तक चतुर्दशी तिथि आरंभ हो जाएगी। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित है फिर 03:15 AM के बाद धनु राशि में स्थित रहेंगे। अगर आज आप कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं, यात्रा या पूजन करना चाहते हैं, तो शुभ चौघड़िया और पंचांग देखकर ही शुरुआत करें। जानिए जयपुर का आज का चौघड़िया, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और दैनिक पंचांग की पूरी जानकारी।
Table of Contents
Aaj ka panchang jaipur आज का पंचांग जयपुर
तिथि: त्रयोदशी 12:38 AM तक, फिर चतुर्दशी 9 जुलाई तक
वार: मंगलवार
नक्षत्र: ज्येष्ठा 03:15 AM तक फिर मूल 9 जुलाई तक
योग: शुक्ल 10:17 PM तक फिर ब्रह्म
करण: कौलव 11:57 AM तक
सूर्योदय: 05:39 AM
सूर्यास्त: 07:25 PM
पक्ष: शुक्ल पक्ष
संवत: 2082
चंद्र राशि: वृश्चिक 03:15 AM तक फिर धनु
राहुकाल: 03:58 PM से 05:41 PM
अभिजीत मुहूर्त: 12:04 PM से 12:59 PM
Aaj ka choghadiya jaipur 08 july 2025
दिन का चोघड़िया (din ka choghadiya)
| चोघड़िया (शुभ/अशुभ) | समय |
|---|---|
| रोग (अशुभ) | 05:41 – 07:23 AM |
| उद्वेग (अशुभ) | 07:23 – 09:06 AM |
| चर (शुभ) | 09:06 – 10:49 AM |
| लाभ (शुभ) | 10:49 – 12:32 PM |
| अमृत (शुभ) | 12:32 – 02:15 PM |
| काल (अशुभ) | 02:15 – 03:58 PM |
| शुभ (शुभ) | 03:58 – 05:40 PM |
| रोग (अशुभ) | 05:40 – 07:23 PM |
रात का चोघड़िया
| चोघड़िया (शुभ/अशुभ) | समय |
|---|---|
| काल (अशुभ) | 07:23 – 08:40 PM |
| लाभ (शुभ) | 08:40 – 09:58 PM |
| उद्वेग (अशुभ) | 09:58 – 11:15 PM |
| शुभ (शुभ) | 11:15 – 12:32 AM |
| अमृत (शुभ) | 12:32 – 01:49 AM |
| चर (शुभ) | 01:49 – 03:07 AM |
| रोग (अशुभ) | 03:07 – 04:24 AM |
| काल (अशुभ) | 04:24 – 05:41 AM |
यह समय Jaipur city के अनुसार है, अन्य शहरों के लिए समय अलग हो सकता है
भौम प्रदोष व्रत
आज भौम प्रदोष व्रत है. जाने आज के प्रदोष व्रत का समय
प्रदोष व्रत: 07:25 PM से 09:28 PM तक
समय अवधि: 2 घंटे 3 मिनट्स
आषाढ़ त्रयोदशी प्रारंभ: 11:10 PM 7 जुलाई
समाप्त: 12:38 AM 9 जुलाई
क्यों जरूरी है चौघड़िया देखना?
चौघड़िया एक वैदिक समय गणना है, जो दिन को आठ भागों में बांटती है। हर भाग को किसी विशेष गुण (शुभ, अशुभ) के आधार पर दिखाया जाता है। शुभ, लाभ, अमृत जैसे चौघड़िया में कोई भी कार्य, यात्रा, निवेश, पूजा आदि करना बहुत शुभ माना जाता है। और वहीं राहुकाल, काल, रोग, उद्वेग ये अशुभ माने जाते हैं इन समयों में कार्य नहीं करना चाहिए।
राहुकाल क्या होता है और बचना क्यों जरूरी है?
देखो राहुकाल वह समय होता है जब राहु का प्रभाव सबसे अधिक होता है। वैदिक ज्योतिष में राहुकाल समय को अशुभ माना गया है।
इसलिए कोई भी नया काम या शुभ कार्य जैसे यात्रा, खरीदारी, विवाह, मुंडन और भी कार्य राहुकाल में नहीं किया जाता। हा हालांकि पूजा-पाठ किया जा सकता है।
निष्कर्ष
अगर आप आज कोई महत्वपूर्ण कार्य करने जा रहे हैं। जैसे कोई नया काम शुरू करना, व्यापारिक निर्णय, यात्रा या पूजा तो आप ऊपर दिए गए शुभ चौघड़िया और पंचांग का ध्यान अवश्य रखें। हम रोजाना पंचांग और चोघड़िया अपडेट करते हैं, ऐसे ही जानकारियों के लिए जुड़े रहें hindisanatan.com के साथ। आप आज क्या कार्य करने वाले हैं हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न ज्योतिषीय गणनाओं, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। हिन्दीसनातन इस जानकारी की सत्यता या सटीकता का दावा नहीं करता है। पाठकों से अनुरोध है कि इसे केवल जानकारी के रूप में लें और किसी भी धार्मिक या आध्यात्मिक निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या गलत धारणाओं को बढ़ावा देना नहीं है।
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