Om Jai Jagdish Hare Lyrics: अनुराधा पौडवाल की सुरीली आरती यहाँ पढ़ें

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Published On: मई 12, 2026
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Anuradha paudwal om jai jagdish hare lyrics

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“ॐ जय जगदीश हरे” (anuradha paudwal om jai jagdish hare lyrics) दुनिया में सबसे ज़्यादा गाई जाने वाली भक्ति आरती (पूजा भजन) में से एक है। हालाँकि यह आरती मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है, फिर भी इसे किसी भी देवी-देवता की पूजा, अनुष्ठान या त्योहारों के दौरान गहरी श्रद्धा के साथ गाया जाता है। भक्तों का मानना ​​है कि इस आरती का नियमित पाठ करने से उतना ही आध्यात्मिक पुण्य मिलता है, जितना कि सभी देवी-देवताओं की आरती एक साथ करने से मिलता है।

“ॐ जय जगदीश हरे (anuradha paudwal om jai jagdish hare lyrics)” के बोल अनुराधा पौडवाल की सुरीली आवाज़ में “ॐ जय जगदीश हरे” आरती सुनें इसके सुंदर बोलों का आनंद लें और भक्ति की गहराइयों में डूब जाएँ।

Anuradha paudwal om jai jagdish hare lyrics

ॐ जय जगदीश हरे
स्वामी जय जगदीश हरे
भक्त जनों के संकट
दास जनों के संकट
क्षण में दूर करे
ॐ जय जगदीश हरे
जो ध्यावे फल पावे
दुःखबिन से मन का
स्वामी दुःखबिन से मन का
सुख सम्पति घर आवे
सुख सम्पति घर आये
कष्ट मिटे तन का
ॐ जय जगदीश हरे

मात पिता तुम मेरे
शरण गहूं किसकी
स्वामी शरण गहूं में किसकी
तुम बिन और न दुजा
तुम बिन और न दूजा
आस करूं मैं जिसकी
ॐ जय जगदीश हरे

तुम पूरण परमात्मा
तुम अन्तर्यामी
स्वामी तुम अन्तर्यामी
पारब्रह्म परमेश्वर
पारब्रह्म परमेश्वर
तुम सब के स्वामी
ॐ जय जगदीश हरे

तुम करुणा के सागर
तुम पालनकर्ता
स्वामी तुम पालनकर्ता
में मूरख फलकामी
में सेवक तुम स्वामी
कृपा करो भर्ता
ॐ जय जगदीश हरे

तुम हो एक अगोचर
सबके प्राणपति
स्वामी सबके प्राणपति
किस विधि मिलूं दयामय
किस विधि मिलूं दयामय
तुमको में कुमति
ॐ जय जगदीश हरे

दीन-बन्धु दुःख-हर्ता
ठाकुर तुम मेरे
स्वामी रक्षक तुम मेरे
अपने हाथ उठाओ
अपने शरण लगाओ
द्वार पड़ा तेरे
ॐ जय जगदीश हरे

विषय-विकार मिटाओ
पाप हरो देवा
स्वमी पाप हरो देवा
श्रद्धा भविते बढ़ाओ
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ
सन्तन की सेवा
ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे
स्वामी जय जगदीश हरे
भक्त जनों के संकट
दास जनों के संकट
क्षण में दूर करे
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare Aarti PDF | Om jai jagdish hare lyrics

इस om jai jagdish hare lyrics को आप पीडीएफ़ मे डाउनलोड कर ले ओर कही भी बेठे तो जरूर गाए नीचे ओम जय जगदीश हरे आरती लिखित में PDF के साथ दि गई है।

Anuradha paudwal om jai jagdish hare lyrics

Om Jai Jagdish Hare
Swami Jai Jagdish Hare
Bhakt Jano Ke Sankat
Das Jano Ke Sankat
Kshan Mein Door Kare
Om Jai Jagdish Hare

Jo Dhyaave Phal Paave
Dukh Bin Se Man Ka
Swami Dukh Bin Se Man Ka
Sukh Sampati Ghar Aave
Sukh Sampati Ghar Aaye
Kasht Mite Tan Ka
Om Jai Jagdish Hare

Maat Pita Tum Mere
Sharan Gahun Kiski
Swami Sharan Gahun Mein Kiski
Tum Bin Aur Na Duja
Tum Bin Aur Na Dooja
Aas Karun Main Jiski
Om Jai Jagdish Hare

Tum Puran Parmatma
Tum Antaryami
Swami Tum Antaryami
Paar Brahm Parameshwar
Paar Brahm Parameshwar
Tum Sab Ke Swami
Om Jai Jagdish Hare

Tum Karuna Ke Sagar
Tum Palankarta
Swami Tum Palankarta
Mein Murakh Phalkami
Mein Sevak Tum Swami
Kripa Karo Bharta
Om Jai Jagdish Hare

Tum Ho Ek Agochar
Sabke Pranpati
Swami Sabke Pranpati
Kis Vidhi Milun Dayamay
Kis Vidhi Milun Dayamay
Tumko Mein Kumati
Om Jai Jagdish Hare

Deen-Bandhu Dukh-Harta
Thakur Tum Mere
Swami Rakshak Tum Mere
Apne Haath Uthao
Apne Sharan Lagao
Dwaar Pada Tere
Om Jai Jagdish Hare

Vishay-Vikaar Mitao
Paap Haro Deva
Swami Paap Haro Deva
Shraddha Bhakti Badhao
Shraddha Bhakti Badhao
Santan Ki Seva
Om Jai Jagdish Hare

Om Jai Jagdish Hare
Swami Jai Jagdish Hare
Bhakt Jano Ke Sankat
Das Jano Ke Sankat
Kshan Mein Door Kare
Om Jai Jagdish Hare

Om jai jagdish hare lyrics – Anuradha paudwal

इस भजन का महत्व और लाभ

“om jai jagdish hare lyrics” (अनुराधा पौडवाल द्वारा गाई गई ये) केवल एक आरती ही नहीं है, बल्कि भगवान विष्णु के प्रति प्रेम और भक्ति व्यक्त करने का एक सुंदर माध्यम भी है। इसके दिव्य छंद भगवान विष्णु के भव्य गुणों का बखान करते हैं, और उन्हें पूरे ब्रह्मांड का पालनहार और रक्षक बताते हैं। जब इसे भक्ति-भाव से गाया जाता है, तो यह हृदय में पवित्रता और प्रेम की भावना जगाता है, और आस-पास का वातावरण पवित्र हो जाता है। यह आरती न केवल शांति, सुख और समृद्धि फैलाती है, बल्कि जीवन की बाधाओं को दूर करने में भी सहायता करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

ॐ जय जगदीश हरे” आरती किस देवता को समर्पित है?

यह आरती मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है।

क्या हम इस आरती को दैनिक पूजा में गा सकते हैं?

जी हाँ, इस आरती को किसी भी देवी-देवता की पूजा, अनुष्ठान या त्योहारों के दौरान गा सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: Hindisanatan.com पर दिए गए गीतों के बोल केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। हम कलाकारों का पूरा सम्मान करते हैं और किसी भी प्रकार की अवैध कॉपी करने का समर्थन नहीं करते। यदि आपको यह संगीत पसंद है, तो कृपया कलाकारों का समर्थन करें यदि इस सामग्री को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्ति हो, तो गीत मालिक हमसे संपर्क कर सकते हैं। आपकी समझ और सहयोग के लिए धन्यवाद)

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नमस्ते मेरा नाम जगदीश कुमार है , मे hindisanatan.com मे चौघड़िया, मंत्र-स्तोत्र, भजन, पाठ और पूजा विधि जैसे आध्यात्मिक विषयों पर लेख लिखता हूँ। मेरा उद्देश्य सनातन धर्म की शुद्ध और प्रमाणिक जानकारी लोगों तक पहुँचाना है।

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Jagdish Kumar

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