श्री कृष्ण ओर राधा रानी के प्रेम में ये लोकप्रिय भजन “राधा रमण वृंदावन वारे” ( Radha Raman Vrindavan Vare lyrics) राधा ओर श्री कृष्ण के प्रेम मे गाया जाता है। आज हर घर में गूँज रहा है। पूंज्य श्री इंद्रेश जी महाराज द्वारा गाया गया यह सुंदर भजन आइए इस लेख में हम आपके लिए लाए हैं इस सुरीले भजन के Lyrics (हिंदी और इंग्लिश में), साथ ही हम इसके अर्थ और महत्व पर भी चर्चा करेंगे।
Contents
भजन की जानकारी
| एल्बम | राधा रमण वृंदावन वारे |
| कलाकार | श्री Indresh Upadhyay ji |
| लीरिक्स | श्री इंद्रेश उपाध्याय |
| Released | 23 मार्च 2026 |
| श्रेणी | धार्मिक / श्री कृष्ण भजन |
राधा रमण वृंदावन वारे – Radha Raman Vrindavan Vare lyrics
राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे,
राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे,
हे नंद-नंदन, यशोदा दुलारे,
हे नंद-नंदन, यशोदा दुलारे,
राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे,
राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे ॥
अंतरा 1:
वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी,
मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी,
मत जइयो, हा मत जइयो, मत जइयो, जादू करैगो बिहारी,
वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी,
मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी ॥
अंतरा 2:
मोर मुकुट साजे, छवि मनुहारी,
मोर मुकुट साजे, छवि मनुहारी,
गल बनमाल सोहे, जाऊँ वारी-वारी,
गल बनमाल सोहे, जाऊँ वारी-वारी, जाऊँ वारी-वारी,
तन-मन, तन-मन, तन-मन सर्वस्व तोपे बिहारी,
राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे ॥
अंतरा 3:
एक दिन श्यामा संग आओ बनचारी,
एक दिन श्यामा संग आओ बनचारी,
गिरधर लाल जोहे बाट तिहारी,
गिरधर लाल जोहे बाट तिहारी, बाट तिहारी,
संग मिल, संग मिल, संग मिल बरसाओ प्रेम रसभारी,
राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे ॥
अंतरा 4:
हे नंद-नंदन, यशोदा दुलारे,
हे नंद-नंदन, यशोदा दुलारे,
राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे,
राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे ॥
वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी,
मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी,
मत जइयो, हा मत जइयो, मत जइयो, जादू करैगो बिहारी,
वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी,
मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी ॥
वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी,
मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी ॥
Radha Raman Vrindavan Vare lyrics English
Radha Raman, Radha Ramana, Vrindavan Vaare,
Radha Raman, Radha Ramana, Vrindavan Vaare,
Hey Nand-Nandan, Yashoda Dulare,
Hey Nand-Nandan, Yashoda Dulare,
Radha Raman, Radha Ramana, Vrindavan Vaare,
Radha Raman, Radha Ramana, Vrindavan Vaare ||
Antara 1:
Vrindavan Vaare, Pyare Raman Bihari,
Mote-mote nain, yaake tirchi katari,
Mat jaiyo, haa mat jaiyo, mat jaiyo, jaadu karego Bihari,
Vrindavan Vaare, Pyare Raman Bihari,
Mote-mote nain, yaake tirchi katari ||
Antara 2:
Mor mukut saaje, chhavi manuhari,
Mor mukut saaje, chhavi manuhari,
Gal banmaal sohe, jaaun vaari-vaari,
Gal banmaal sohe, jaaun vaari-vaari, jaaun vaari-vaari,
Tan-man, tan-man, tan-man sarvasv tope Bihari,
Radha Raman, Radha Ramana, Vrindavan Vaare ||
Antara 3:
Ek din Shyama sang aao banchari,
Ek din Shyama sang aao banchari,
Girdhar Lal johe baat tihari,
Girdhar Lal johe baat tihari, baat tihari,
Sang mil, sang mil, sang mil barsao prem rasbhari,
Radha Raman, Radha Ramana, Vrindavan Vaare ||
Antara 4:
Hey Nand-Nandan, Yashoda Dulare,
Hey Nand-Nandan, Yashoda Dulare,
Radha Raman, Radha Ramana, Vrindavan Vaare,
Radha Raman, Radha Ramana, Vrindavan Vaare ||
Vrindavan Vaare, Pyare Raman Bihari,
Mote-mote nain, yaake tirchi katari,
Mat jaiyo, haa mat jaiyo, mat jaiyo, jaadu karego Bihari,
Vrindavan Vaare, Pyare Raman Bihari,
Mote-mote nain, yaake tirchi katari ||
Vrindavan Vaare, Pyare Raman Bihari,
Mote-mote nain, yaake tirchi katari ||
भजन का भावार्थ
यह प्रेम भरा Radha Raman Vrindavan Vare lyrics भजन श्री कृष्ण ओर राधा रानी के प्रेम को व्यक्त करता है। पूंज्य श्री इंद्रेश जी महाराज ने इस भजन को बड़े ही प्रेम से गाया है, इस भजन के लीरिक्स का अर्थ है। “राधा रमण, राधा रमणा, वृंदावन वारे” हे राधा रानी के मन को आनंद देने वाले (राधा रमण) वृंदावन मे निवास करने वाले प्रभु, आप नंद बाबा के लाल हैं और माता यशोदा के लाड़ले लल्ला (दुलारे) हैं।
इस भजन का महत्व और लाभ
इस भजन को गाने से मन में प्रेम की सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। विशेषकर श्री कृष्ण के त्योहार मे या किसी भी दिन आप इसे सुनने से प्रेम का वातावरण पवित्र हो जाता है। यह भजन हमें सिखाता है कि प्रेम की भक्ति में ही असली शक्ति है।
“राधा रमण वृंदावन वारे” भजन का गायक कोन है?
इस भजन को पूंज्य श्री इंद्रेश जी महाराज द्वारा गाया गया यह सुंदर भजन है।
“मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी” का मतलब
वृंदावन के बांके बिहारी के नेत्र बड़े और सुंदर हैं। उनकी तिरछी चितवन (नजर) किसी कटारी (तलवार) की तरह है, जो भक्त के हृदय को घायल कर देती है
“मोर मुकुट साजे, छवि मनुहारी” का मतलब
भगवान के सिर पर मोर का मुकुट सुशोभित है और गले में वैजयंती माला (बनमाल) शोभा दे रही है। उनकी यह छवि मन को हर लेने वाली है।
इन्हें भी पढ़ें:
- [श्री हनुमान चालीसा लिरिक्स और अर्थ]
- [राम रक्षा स्तोत्र हिंदी में]
- [श्री रघुवर कोमल कमल नयन को पहनाओ जयमाला]
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