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B Praak Mero Man Laagyo Barsane mein – मेरो मन लाग्यो बरसाने में – भजन

hindisanatan
Published On: सितम्बर 18, 2026
B Praak Mero Man Laagyo Barsane mein Lyrics
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ब्रज की भूमि पर राधा रानी का नाम ही सबसे बड़ा सहारा माना जाता है। B Praak ने गाया गया भजन “जहां विराजे राधा रानी” (Mero mann) एक ऐसा भजन है जो भक्त के मन की उस अवस्था को दर्शाता है, जहाँ उसे संसार की किसी वस्तु से कोई मोह नहीं रह जाता और उसका मन केवल बरसाना मे राधा रानी की नगरी में लग जाता है।

यह (Jahan viraaje Radha Rani) भजन खास तौर पर राधा अष्टमी, जन्माष्टमी, बरसाना की लट्ठमार होली और ब्रज यात्रा के समय बड़े प्रेम से गाया जाता है, Mero Man Laagyo Barsane mein Lyrics भजन नीचे दिया गया है।

B Praak Mero Mann lyrics credit

SingerB Praak
LyricsPujya Shri Vinod Baba Ji Maharaj
MusicB Praak
DirectedPrateek Thakur
Released2026-09-16
LebelKripa Records

B Praak Mero Man Laagyo Barsane mein Lyrics

हमको सारे जन्मों में,
राधा रखो चरणों में,
राधा, राधा, राधा, राधा,
चाहे जंगल-झरनों में,
राधा रखो चरणों में,
राधा, राधा, राधा, राधा ॥

हो मेरो मन लाग्यो बरसाने में,
मेरो मन लाग्यो बरसाने में,
जहां विराजे राधा रानी,
मन हत्यो है दुनियादारी से,
मन हत्यो है दुनियादारी से,
जहां मिले खारा-खारा पानी रे,
जहां मिले खारा-खारा पानी रे,
जहां विराजे राधा रानी ॥

हो मेरो मन लाग्यो बरसाने में,
जहां विराजे राधा रानी,
जहां विराजे राधा रानी ॥

हो मुझे दुनिया से नहीं कोई काम,
ओ मुझे दुनिया से नहीं कोई काम,
मैं तो रटु राधा-राधा नाम,
मैं तो रटु राधा-राधा नाम,
दर्शन करूँ सुबह-शाम,
दर्शन करूँ सुबह-शाम,
हो अमृत है ब्रज का पानी,
हो अमृत है ब्रज का पानी,
जहां विराजे राधा रानी,
हो मेरो मन लाग्यो बरसाने में,
जहां विराजे राधा रानी ॥

मुझे राधा-राधा है जपना,
मुझे राधा-राधा है जपना,
ये जगत है एक सपना,
ये जगत है एक सपना,
यहाँ कोई नहीं अपना,
यहाँ कोई नहीं अपना,
ओ मेरी अपनी वृषभानु दुलारी,
कहे जिसको वो श्याम दीवानी,
जहां विराजे राधा रानी,
हो मेरो मन लाग्यो बरसाने में,
जहां विराजे राधा रानी ॥

हो मेरे मन में न लागे कोई रंग,
मेरे मन में न लागे कोई रंग,
मैं तो रहु संतन के संग,
मैं तो रहु रक्षिगण के संग,
मेरे मन में उड़ट उमंग,
मेरे मन में उड़ट उमंग,
बरसाना ब्रिज राजधानी,
बरसाना ब्रिज राजधानी,
जहां विराजे राधा रानी ॥

हो मेरो मन लाग्यो बरसाने में,
जहां विराजे राधा रानी,
जहां विराजे राधा रानी,
जहां विराजे राधा रानी ॥

हमको सारे जन्मों में,
राधा रखो चरणों में,
राधा, राधा, राधा, राधा,
चाहे जंगल-झरनों में,
राधा रखो चरणों में,
राधा, राधा, राधा, राधा ॥

हमको सारे जन्मों में,
राधा रखो चरणों में,
राधा, राधा, राधा, राधा,
चाहे जंगल-झरनों में,
राधा रखो चरणों में,
राधा, राधा, राधा, राधा ॥

जहां विराजे राधा रानी ॥

B Praak Mero Man Laagyo Barsane mein Lyrics in English

Humko saare janmon mein,
Radha rakho charnon mein,
Radha, Radha, Radha, Radha,
Chahe jungle-jharno mein,
Radha rakho charnon mein,
Radha, Radha, Radha, Radha।।

Ho mero man laagyo Barsane mein,
Mero man laagyo Barsane mein,
Jahan viraaje Radha Rani,
Man hatyo hai duniyadari se,
Man hatyo hai duniyadari se,
Jahan mile khaara-khaara paani re,
Jahan mile khaara-khaara paani re,
Jahan viraaje Radha Rani।।

Ho mero man laagyo Barsane mein,
Jahan viraaje Radha Rani,
Jahan viraaje Radha Rani।।

Ho mujhe duniya se nahi koi kaam,
O mujhe duniya se nahi koi kaam,
Main to ratu Radha-Radha naam,
Main to ratu Radha-Radha naam,
Darshan karun subah-shaam,
Darshan karun subah-shaam,
Ho amrit hai Braj ka paani,
Ho amrit hai Braj ka paani,
Jahan viraaje Radha Rani,
Ho mero man laagyo Barsane mein,
Jahan viraaje Radha Rani।।

Mujhe Radha-Radha hai japna,
Mujhe Radha-Radha hai japna,
Ye jagat hai ek sapna,
Ye jagat hai ek sapna,
Yahan koi nahi apna,
Yahan koi nahi apna,
O meri apni Vrishbhanu Dulaari,
Kahe jisko wo Shyam Deewani,
Jahan viraaje Radha Rani,
Ho mero man laagyo Barsane mein,
Jahan viraaje Radha Rani।।

Ho mero man mein na laage koi rang,
Mero man mein na laage koi rang,
Main to rahun santan ke sang,
Main to rahun Rishigan ke sang,
Mere man mein udat umang,
Mere man mein udat umang,
Barsana Braj Rajdhani,
Barsana Braj Rajdhani,
Jahan viraaje Radha Rani।।

Ho mero man laagyo Barsane mein,
Jahan viraaje Radha Rani,
Jahan viraaje Radha Rani,
Jahan viraaje Radha Rani।।

Humko saare janmon mein,
Radha rakho charnon mein,
Radha, Radha, Radha, Radha,
Chahe jungle-jharno mein,
Radha rakho charnon mein,
Radha, Radha, Radha, Radha।।

Humko saare janmon mein,
Radha rakho charnon mein,
Radha, Radha, Radha, Radha,
Chahe jungle-jharno mein,
Radha rakho charnon mein,
Radha, Radha, Radha, Radha।।

Jahan viraaje Radha Rani।।

भजन का अर्थ और भाव

इस भजन लीरिक्स में भक्त सबसे पहले एक ही प्रार्थना करता है – कि चाहे कितने भी जन्म लेने पड़ें, चाहे जंगलों और झरनों में भटकना पड़े, बस राधा रानी के चरणों में जगह मिल जाए।

आगे भक्त कहता है – कि उसका मन अब दुनियादारी से उठ चुका है, क्योंकि संसार में जो कुछ मिलता है वह “खारा पानी” जैसा है, यानी अस्थायी और कमजोर करने वाला। लेकिन ब्रज का जल अमृत समान है, क्योंकि वह राधा रानी की भूमि से जुड़ा है।

भजन की एक पंक्ति गहरी वेदांत की बात कहती है – यह संसार एक सपना है और यहाँ कोई अपना नहीं। भक्त के लिए एकमात्र अपनी हैं वृषभानु दुलारी राधा रानी है , जो स्वयं श्याम (श्री कृष्ण) की दीवानी हैं।

अंत में भक्त कहता है कि उसके मन पर संसार का कोई रंग नहीं चढ़ता, वह तो संतों के संग में ही रहना चाहती है, क्योंकि उसके लिए बरसाना ही सब कुश है।

बरसाना, राधा रानी का महत्व

बरसाना उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित है और इसे राधा रानी का जन्मस्थान माना जाता है। यहाँ की सबसे प्रसिद्ध जगह है श्री राधा रानी मंदिर (लाडली जी मंदिर), जो ब्रह्मांचल पर्वत पर बना हुआ है।

  • बरसाना को “ब्रज की राजधानी” कहा जाता है
  • राधा रानी को वृषभानु नंदिनी और लाडली जी के नाम से पुकारा जाता है
  • यहाँ की लट्ठमार होली विश्व प्रसिद्ध है
  • राधा अष्टमी पर यहाँ लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं

यह भजन कब और कैसे गाएं

  • राधा अष्टमी पर – राधा रानी के प्राकट्य दिवस पर
  • जन्माष्टमी की रात्रि जागरण में
  • होली के समय बरसाना में
  • मंगला आरती या संध्या आरती के बाद
  • ब्रज यात्रा या परिक्रमा के दौरान

भजन गाते समय ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की संगत इसे और भी भावपूर्ण बना देती है। B Praak ने गाया गया यह भजन यूट्यूब पर उपलब्द है आप उसे देख के धीमी लय में शुरू करके धीरे-धीरे तेज़ किया जाता है, जिससे भक्तों में उमंग बढ़ती जाती है।

राधा रानी भजन लीरिक्स

Radhe Tere charno ki lyrics: राधे तेरे चरणों की भजन लिरिक्स
Radha Raman Vrindavan Vare lyrics – राधा रमण वृंदावन वारे (श्री इंद्रेश उपाध्याय जी)
Radhe Braj Jan Man Sukhkari lyrics – राधे ब्रज जन मन सुखकारी (Devi Neha Saraswat)

भजन के लाभ

मन में भक्ति और वैराग्य का भाव जागता है, और संसारिक चिंताओं से कुछ देर के लिए मन हट जाता है, साथ ही घर में सकारात्मक और शांत वातावरण बनता है, राधा नाम के निरंतर जाप से एकाग्रता बढ़ती भी है।

“जहां विराजे राधा रानी” भजन किस जगह के बारे में है?

यह भजन बरसाना के बारे में है, जो राधा रानी का जन्मस्थान है और मथुरा जिले में स्थित है।

वृषभानु दुलारी किसे कहा जाता है?

राधा रानी को वृषभानु दुलारी कहा जाता है, क्योंकि वे राजा वृषभानु की पुत्री हैं।

इस भजन में “खारा पानी” का क्या अर्थ है?

यह संसार के सुखों का प्रतीक है, जो पीने पर प्यास और बढ़ा देते हैं – यानी कभी संतुष्टि नहीं देते।

बरसाना में राधा रानी का मुख्य मंदिर कौन सा है?

श्री राधा रानी मंदिर, जिसे लाडली जी मंदिर भी कहा जाता है।

राधा अष्टमी कब मनाई जाती है?

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को, जो जन्माष्टमी के लगभग 15 दिन बाद आती है।

निष्कर्ष

जहां विराजे राधा रानी” (mero mann) केवल एक भजन नहीं, बल्कि एक भक्त की पुकार है – कि उसे हर जन्म में राधा रानी के चरणों में स्थान मिलता रहे। जब मन संसार से थक जाए, तब यह भजन याद दिलाता है कि असली शरण बरसाना की उस भूमि में है, जहाँ लाडली जी विराजती हैं।

आपको ये भजन कैसा लगा हमे कमेन्ट मे जरूर बताए। राधे-राधे

(डिस्क्लेमर: Hindisanatan.com पर दिए गए गीतों के बोल केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। हम कलाकारों का पूरा सम्मान करते हैं और किसी भी प्रकार की अवैध कॉपी करने का समर्थन नहीं करते। यदि आपको यह संगीत पसंद है, तो कृपया कलाकारों का समर्थन करें यदि इस सामग्री को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्ति हो, तो गीत मालिक हमसे संपर्क कर सकते हैं। आपकी समझ और सहयोग के लिए धन्यवाद)

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Jagdish Kumar

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