Mat Maro Shyam Pichkari Lyrics | मत मारो श्याम पिचकारी | Holi Bhajan, लिरिक्स और अर्थ

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Published On: फ़रवरी 20, 2026
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Mat Maro Shyam Pichkari Lyrics

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होली का त्यौहार हो और राधा-कृष्ण के गीतों का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। ‘मत मारो श्याम पिचकारी‘ (Mat Maro Shyam Pichkari Lyrics) एक ऐसा ही पारंपरिक और मधुर भजन है जो हर साल होली के उत्सव में चार चाँद लगा देता है। इस गीत में राधा रानी भगवान श्री कृष्ण से होली न खेलने की मनुहार कर रही हैं। आइए पढ़ते हैं इस खूबसूरत भजन के बोल।

Mat Maro Shyam Pichkari lyrics जानकारी

गीत (Song)मत मारो श्याम पिचकारी (Mat Maro Shyam Pichkari)
एल्बम/फिल्मदुर्गेश नंदिनी
गायकलता मंगेशकर (lata mangeshkar)
गीतकार (lyrics)राजेंद्र कृष्ण
रिलीज डेट01 जनवरी, 1956
समय03:17 मिनट
भाषाहिंदी

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Mat Maro Shyam Pichkari Lyrics | मत मारो श्याम पिचकारी लिरिक्स

Mat Maro Shyam Pichkari Lyrics English

लिरिक्स का अर्थ

इस भजन में राधा रानी कृष्ण से कहती हैं कि हे श्याम! मुझ पर रंग मत डालो, क्योंकि मेरी सारी चुनरी भीग गई है। मेरा शरीर अत्यंत कोमल है और अगर इस पर रंग पड़ा तो लोग मुझे अलग नजरों से देखेंगे जिससे मुझे लज्जा आती है। यह गीत ब्रज की होली के प्रेम और सात्विक छेड़छाड़ को दर्शाता है।

निष्कर्ष

होलिका दहन और रंगवाली होली के अवसर पर इस भजन को सुनने से मन भक्ति और आनंद से भर जाता है। आशा है आपको Mat Maro Shyam Pichkari Lyrics पसंद आए होंगे। इसे ही भजन लीरिक्स देखने के लिए hindisanatan.com को जरूर फॉलो करे।

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‘मत मारो श्याम पिचकारी’ भजन किस उत्सव पर गाया जाता है?

यह भजन मुख्य रूप से होली के त्यौहार और ब्रज की लठमार होली के दौरान गाया जाता है।

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Mat Maro Shyam Pichkari Lyrics | मत मारो श्याम पिचकारी | Holi Bhajan, लिरिक्स और अर्थ

नमस्ते मेरा नाम जगदीश कुमार है , मे hindisanatan.com मे चौघड़िया, मंत्र-स्तोत्र, भजन, पाठ और पूजा विधि जैसे आध्यात्मिक विषयों पर लेख लिखता हूँ। मेरा उद्देश्य सनातन धर्म की शुद्ध और प्रमाणिक जानकारी लोगों तक पहुँचाना है।

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Jagdish Kumar

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