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Maa Durga Ke 108 Naam in Hindi – अर्थ, महत्व और जाप विधि

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Published On: सितम्बर 27, 2026
Maa Durga Ke 108 Naam in Hindi
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नवरात्रि के नों दिनों में बहुत से भक्त माँ दुर्गा के 108 नामों (maa durga ke 108 naam) का पाठ करना पसंद करते हैं, क्योंकि दुर्गा सप्तशती में इन नामों को विशेष फलदायी बताया गया है। हर नाम देवी के किसी न किसी दिव्य गुण, रूप या लीला को दर्शाता है – इसीलिए इन्हें सिर्फ पढ़ने से ज़्यादा, इनका अर्थ समझकर पढ़ने से मन में सच्ची भक्ति जागृत होती है।

Maa durga ke 108 naam

  1. सती – अग्नि में जलकर भी जीवित होने वाली
  2. साध्वी – आशावादी
  3. भवप्रीता – शिव पर प्रीति रखने वाली
  4. भवानी – ब्रह्मांड की निवास स्थली
  5. भवमोचनी – संसार के सभी बंधनों से मुक्त करने वाली
  6. आर्या – देवी
  7. दुर्गा – अपराजेय
  8. जया – विजयी
  9. आद्या – आदि सत्य
  10. त्रिनेत्र – तीन आँखों वाली
  11. शूलधारिणी – शूल धारण करने वाली
  12. पिनाकधारिणी – शिव त्रिशूल धारण करने वाली
  13. चित्रा – सुरम्य, सुंदर
  14. चंद्रघण्टा – प्रचंड स्वर से घंटा नाद करने वाली
  15. महातपा – भारी तपस्या करने वाली
  16. मन – मनन-शक्ति
  17. बुद्धि – सर्वज्ञाता
  18. अहंकारा – अभिमान का स्वरूप
  19. चित्तरूपा – सोच की अवस्था
  20. चिता – मृत्युशय्या
  21. चिति – चेतना
  22. सर्वमन्त्रमयी – सभी मंत्रों का ज्ञान रखने वाली
  23. सत्ता – सत्-स्वरूपा
  24. सत्यानन्दस्वरूपिणी – अनंत आनंद का रूप
  25. अनन्ता – जिनके स्वरूप का अंत नहीं
  26. भाविनी – सबको उत्पन्न करने वाली
  27. भाव्या – ध्यान करने योग्य
  28. भव्या – कल्याणरूपा
  29. अभव्या – जिससे बढ़कर भव्य कुछ नहीं
  30. सदागति – सदैव गतिमान, मोक्षदायिनी
  31. शाम्भवी – शिवप्रिया
  32. देवमाता – देवगण की माता
  33. चिन्ता – चिंता स्वरूपा
  34. रत्नप्रिया – गहनों से प्रेम रखने वाली
  35. सर्वविद्या – ज्ञान का निवास
  36. दक्षकन्या – दक्ष की पुत्री
  37. दक्षयज्ञविनाशिनी – दक्ष के यज्ञ को वध करने वाली
  38. अपर्णा – तपस्या में पत्ता तक न खाने वाली
  39. अनेकवर्णा – अनेक रंगों वाली
  40. पाटला – लाल रंग वाली
  41. पाटलावती – लाल पुष्प धारण करने वाली
  42. पट्टाम्बरपरीधाना – रेशमी वस्त्र पहनने वाली
  43. कलामंजीरारंजिनी – पायल से प्रसन्न रहने वाली
  44. अमेय – असीम
  45. विक्रमा – महापराक्रमी
  46. क्रूरा – दैत्यों के प्रति कठोर
  47. सुन्दरी – सुंदर स्वरूप वाली
  48. सुरसुन्दरी – अत्यंत सुंदर
  49. वनदुर्गा – वनों की देवी
  50. मातंगी – मतंग ऋषि की आराध्य देवी
  51. मातंगमुनिपूजिता – मतंग मुनि द्वारा पूजित
  52. ब्राह्मी – ब्रह्मा की शक्ति
  53. माहेश्वरी – शिव की शक्ति
  54. इंद्री – इंद्र की शक्ति
  55. कौमारी – किशोरी स्वरूपा
  56. वैष्णवी – अजेय
  57. चामुण्डा – चंड-मुंड का वध करने वाली
  58. वाराही – वराह वाहन वाली
  59. लक्ष्मी – सौभाग्य की देवी
  60. पुरुषाकृति – पुरुष रूप धारण करने वाली
  61. विमिलौत्त्कार्शिनी – आनंद प्रदान करने वाली
  62. ज्ञाना – ज्ञान स्वरूपा
  63. क्रिया – कर्मरूपा
  64. नित्या – सनातन
  65. बुद्धिदा – ज्ञान देने वाली
  66. बहुला – अनेक रूपों वाली
  67. बहुलप्रेमा – सर्वप्रिय
  68. सर्ववाहनवाहना – सभी वाहनों पर विराजमान
  69. निशुम्भशुम्भहननी – शुंभ-निशुंभ की संहारक
  70. महिषासुरमर्दिनि – महिषासुर की वधकर्ता
  71. मधुकैटभहंत्री – मधु-कैटभ का नाश करने वाली
  72. चण्डमुण्ड विनाशिनि – चंड-मुंड का नाश करने वाली
  73. सर्वासुरविनाशा – समस्त असुरों की संहारक
  74. सर्वदानवघातिनी – सभी दानवों का अंत करने वाली
  75. सर्वशास्त्रमयी – सभी शास्त्रों में निपुण
  76. सत्या – सत्यस्वरूपा
  77. सर्वास्त्रधारिणी – सभी शस्त्र धारण करने वाली
  78. अनेकशस्त्रहस्ता – अनेक हथियार धारण करने वाली
  79. अनेकास्त्रधारिणी – अनेक अस्त्र धारण करने वाली
  80. कुमारी – सुंदर किशोरी
  81. एककन्या – कन्या स्वरूपा
  82. कैशोरी – युवा कन्या
  83. युवती – नारी स्वरूपा
  84. यति – तपस्विनी
  85. अप्रौढा – सदा नवीन
  86. प्रौढा – प्राचीन स्वरूपा
  87. वृद्धमाता – वयोवृद्ध स्वरूपा
  88. बलप्रदा – शक्ति देने वाली
  89. महोदरी – ब्रह्मांड धारण करने वाली
  90. मुक्तकेशी – खुले बाल वाली
  91. घोररूपा – भयंकर स्वरूप वाली
  92. महाबला – अपार शक्तिशाली
  93. अग्निज्वाला – अग्नि के समान तेजस्वी
  94. रौद्रमुखी – रुद्र समान भयंकर मुख वाली
  95. कालरात्रि – काले रंग की देवी
  96. तपस्विनी – तपस्या में लीन
  97. नारायणी – विष्णु की विनाशकारी शक्ति
  98. भद्रकाली – काली का कल्याणकारी रूप
  99. विष्णुमाया – विष्णु की माया शक्ति
  100. जलोदरी – ब्रह्मांड में निवास करने वाली
  101. शिवदूती – शिव की दूत
  102. करली – उग्र स्वरूपा
  103. अनन्ता – अविनाशी
  104. परमेश्वरी – प्रथम देवी
  105. कात्यायनी – कात्यायन ऋषि द्वारा पूजित
  106. सावित्री – सूर्य पुत्री स्वरूपा
  107. प्रत्यक्षा – साक्षात प्रकट होने वाली
  108. ब्रह्मवादिनी – सर्वव्यापी सत्य स्वरूपा

दुर्गा जी के 108 नामों का महत्व

शास्त्रों में बताया गया है कि माँ दुर्गा के 108 नामों का जाप करने से साधक के मन में एकाग्रता आती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इन नामों में देवी के सौम्य रूप (जैसे सुंदरी, कुमारी) से लेकर उग्र रूप (जैसे कालरात्रि, चामुंडा) तक – हर भाव समाहित है, जो यह दर्शाता है कि माँ दुर्गा करुणा और शक्ति दोनों की स्वामिनी हैं।

108 naam ka jap kaise our kab

नवरात्रि के नौ दिनों में प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ आसन पर बैठें और शांत मन से इन नामों का पाठ करें। इन्हें अष्टमी और नवमी तिथि पर पढ़ना विशेष फलदायी माना जाता है, हालांकि किसी भी शुभ दिन इनका जाप किया जा सकता है।

देवी दुर्गा के 108 नाम पढ़ने के लाभ

  • मन को शांति और एकाग्रता मिलती है
  • नकारात्मक ऊर्जा और भय दूर होते हैं
  • देवी की कृपा और सुरक्षा प्राप्त होती है
  • व्यक्ति के भीतर आत्मबल और साहस बढ़ता है

FAQ

दुर्गा जी के 108 नाम किस ग्रंथ से लिए गए हैं?

ये नाम दुर्गा सप्तशती पर आधारित माने जाते हैं और भक्ति परंपरा में इन्हें विशेष महत्व दिया गया है।

क्या रोज़ाना इन नामों का पाठ किया जा सकता है?

हां, रोज़ाना पाठ किया जा सकता है, लेकिन नवरात्रि के दिनों में इसका फल कई गुना अधिक माना जाता है।

दुर्गा जी के 108 नाम पढ़ने का सही समय क्या है?

प्रातःकाल स्नान के बाद, शांत और स्वच्छ मन से इन्हें पढ़ना सबसे उत्तम माना गया है।

निष्कर्ष

माँ दुर्गा के 108 नाम (maa durga ke 108 naam) केवल शब्द नहीं, बल्कि देवी के अनंत स्वरूपों की झलक हैं। श्रद्धा से इनका पाठ करने पर भक्त के जीवन में सकारात्मकता, शक्ति और शांति का संचार होता है।

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं, धार्मिक ग्रंथों और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। हिन्दीसनातन इसकी पूर्ण सटीकता का दावा नहीं करता। किसी भी बड़े अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित/पुरोहित से परामर्श अवश्य लें।)

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मैं HindiSanatan.com का संस्थापक हूं। सनातन धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़े लेख, आरती-चालीसा एवं व्रत कथाएं श्रद्धापूर्वक स्वयं शोध करके लिखता हूं, ताकि सही और प्रामाणिक जानकारी सभी भक्तों तक पहुंच सके। जय श्री राधे कृष्ण 🙏

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