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अम्बे तू है जगदम्बे काली – आरती (Ambe Tu Hai Jagdambe Kali)

hindisanatan
Published On: सितम्बर 21, 2026
अम्बे तू है जगदम्बे काली – आरती
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पूजा चाहे घर पर हो या मंदिर में, बिना आरती के पूजा अधूरी मानी जाती है। माँ दुर्गा की आरती (Maa durga ki aarti) करते समय भक्तों के मन में जो भाव उमड़ता है, वह शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यहां हम माँ दुर्गा की दो सबसे लोकप्रिय आरतियां – “अम्बे तू है जगदम्बे काली” और “जय अम्बे गौरी” – पूरे लीरिक्स PDF पाठ के साथ दे रहे हैं।

आरती का महत्व

आरती पूजा का वह अंतिम और सबसे भावनात्मक चरण है जिसमें भक्त दीपक की ज्योति के माध्यम से देवी को अपनी संपूर्ण श्रद्धा अर्पित करता है। माना जाता है कि आरती के समय देवी का सूक्ष्म रूप घर में सबसे अधिक सक्रिय होता है, इसीलिए इसे पूरे मनोयोग और भक्ति भाव से करना चाहिए।

अम्बे तू है जगदम्बे काली (Durga ji Aarti Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Lyrics)

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती॥

तेरे भक्त जनो पर माता,
भीड़ पड़ी है भारी ।
दानव दल पर टूट पड़ो माँ,
करके सिंह सवारी ।
सौ-सौ सिंहों से भी बलशाली,
है दस भुजाओं वाली,
दुखिओं के दुखड़े निवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

माँ बेटे की है इस जग में
बड़ा ही निर्मल नाता ।
पूत कपूत सुने है,
पर ना माता सुनी कुमाता।
सब पे करुणा दर्शाने वाली,
अमृत बरसाने वाली,
दुखिओं के दुखड़े निवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

नहीं मांगते धन और दौलत,
ना चांदी ना सोना ।
हम तो मांगे माँ तेरे मन में,
इक छोटा सा कोना।
सबकी बिगड़ी बनाने वाली,
लाज बचाने वाली,
सतियों के सत को सवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्परवाली,
तेरे ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

जय अम्बे गौरी आरती (Durga Maa Aarti Jai Ambe Gauri Lyrics)

जय अम्बे गौरी मैया, जय श्यामा गौरी।
तुमको निसदिन ध्यावत, हरि ब्रम्हा शिवरी ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमदको।
उज्जवल से दोऊ नैना, चन्द्रवदन नीको ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजे ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।
सुर नर मुनि जन सेवत, तिनके दुःख हारी ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

कानन कुंडल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत सम ज्योति ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

शुभ निशंभु विदारे, महिषासुरधाती।
धूम्रविलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

चण्ड मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

ब्रम्हाणी रुद्राणी, तुम कमलारानी।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

चौसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरों।
बाजत ताल मृदंगा, अरु डमरु ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दुख हरता, सुख सम्पत्ति कर्ता ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बात्ती।
श्री माल केतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

श्री अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख संपत्ति पावे ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ॥

आरती की सही विधि

संध्या के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। घी या तेल का दीपक जलाकर दोनों हाथों से थाली पकड़ें और देवी की प्रतिमा के सामने गोलाकार घुमाते हुए आरती गाएं। आरती के अंत में सभी परिवारजन देवी को नमन करें और प्रसाद वितरित करें।

आरती का लाभ

आरती करने के बाद घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है, और मन में भक्ति और श्रद्धा का भाव बढ़ता है, साथ ही देवी की कृपा और सुरक्षा प्राप्त होती है, अंत मे इस पूजा का पूर्ण फल मिलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

दुर्गा आरती किस समय करनी चाहिए?

आरती सुबह और शाम, दोनों समय की जा सकती है, लेकिन संध्या काल की आरती को विशेष शुभ माना जाता है।

क्या दोनों आरतियां एक साथ करनी चाहिए?

यह ज़रूरी नहीं, आप अपनी सुविधा और श्रद्धा अनुसार कोई एक या दोनों आरतियां कर सकते हैं।

आरती के बाद क्या करना चाहिए?

आरती के बाद देवी को प्रणाम करें, प्रसाद बांटें और परिवार सहित क्षमा प्रार्थना करें।

निष्कर्ष

माँ दुर्गा की आरती भक्ति और समर्पण का सबसे सुंदर माध्यम है। श्रद्धा भाव से इन आरतियों को गाने से घर में सुख-समृद्धि और देवी की कृपा सदैव बनी रहती है। आपको देवी दुर्गा और अम्बे की आरती कैसे लगी कमेन्ट मे बताए और अपने परिवार, दोस्तों को जरूर भेजे।

(Disclaimer: हमारी वेबसाईट पर दिए गए गीतों के बोल केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। हम कलाकारों का पूरा सम्मान करते हैं और किसी भी प्रकार की अवैध कॉपी करने का समर्थन नहीं करते। यदि आपको यह संगीत, आरती पसंद है, तो कृपया कलाकारों का समर्थन करें और उनके मूल गीतों को आधिकारिक प्लेटफार्मों जैसे Gaana, JioSaavn, iTunes आदि से खरीदें। यदि इस सामग्री को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्ति हो, तो गीत मालिक हमसे संपर्क कर सकते हैं। )

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मैं HindiSanatan.com का संस्थापक हूं। सनातन धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़े लेख, आरती-चालीसा एवं व्रत कथाएं श्रद्धापूर्वक स्वयं शोध करके लिखता हूं, ताकि सही और प्रामाणिक जानकारी सभी भक्तों तक पहुंच सके। जय श्री राधे कृष्ण 🙏

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Jagdish Kumar

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